उबली हुई चायपत्ती को गलती से भी कचरा समझकर फेंकने की ना करें गलती, सोने से भी कीमती हैं इसके फायदे

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इस धरती पर हमे प्रकति से वरदान स्वरुप कई चीजे मिली है जेसे वनस्पति, पेड-पोधे, वायु, जल आदि| लेकिन इसके अलावा हमारे दैनिक उपयोग में आने वाली कई चीजों का इस्तेमाल करना हम भूल जाते है, या फिर कहे की हमें उनकी जानकारी नहीं होती है. आज हम आपको हर व्यक्ति के देनिक उपयोग में आने वाली चाय पत्ती के फायदे बताएँगे जिनसे आप अनजान थे.

भारत में अमूमन हर घर में एक दिन में चार से पांच बार चाय बनती हैं और सभी लोगो चाय बनने के बाद चायपत्ती को कूड़ा में फेंक देते हैं लेकिन अगर हम आपसे कहें कि पकने के बाद भी चायपत्ती आपके बहुत सारे काम आ सकती हैं तो… यकीन नहीं आ रहा है तो चलिए आज आपको बताते हैं कि चाय बनाने के बाद बची हुई चायपत्ती से आप क्या क्या कर सकते हैं।

घाव जल्दी भर जाता है

चायपत्ती में एंटी-ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। चोट या किसी जख्म पर चायपत्ती का लेप लगाने से खून बहना बंद हो जाता है। उबली हुई चायपत्ती को अच्छी तरह धो लें और इसे पीसकर चोट पर लगाने से घाव जल्दी भर जाएगा।

बाल चमकदार और मुलायम हो जाते है

बची हुई चायपत्ती का प्रयोग बालों को चमकदार सिल्की और शाइनिंग लाने के लिए भी कर सकते हैं। ये बालो के लिए भी बहुत ही फायदेमंद होती है। चायपत्ती का पानी प्राकृतिक कंडिशनर का काम करता है। चाय पकाने के बाद जो पत्ती बच जाती है। उस पत्ती को धो कर फिर उसे दुबारा से गर्म पानी में उबाल लें। फिर इसको छान लें और पानी को बिलकुल ठंडा करने के बाद इस पानी को मेंहदी में आंवला मिलाकर लगाने से बालो को काफी फायदा मिलता है।इससे बाल चमकदार और मुलायम हो जाते है|

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लकड़ी के फर्नीचर को चमकाएं

चायपत्ती का एक और फायदा यह है कि आप इसका इस्तेमाल लकड़ी के फर्नीचर को चमकदार बनाने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। चाय बची हुई चायपत्ती को दोबारा से गरम पानी मे उबाल ले फिर उसे ठंडा कर इसे एक स्प्रे बॉटल में भरकर फर्नीचर की सफाई करें। इससे फर्नीचर चमक उठेंगे।

दांत दर्द में फायदेमंद

चायपत्ती/ टी-बैग को गुनगुने पानी में निचोड़ लें। इस पानी का कुल्ला करने से दांत दर्द में राहत मिलती है।

मक्खिया नही आएगी

मक्खियों ने यदि परेशान कर दिया है तो आप उबली चाय पत्ती को धो ले फिर उसे किसी कपडे में बांध कर उस जगह पर रगड़ दें जहां पर मक्खियां बैठी हो। ऐसा करने से दोबारा उस जगह पर मक्खिया नही आएगी।

घी और तेल की स्मेल भी खत्म हो जाती है

चाय बनाने के बाद बची हुई पत्ती को यदि दुबारा उबाल कर घी और तेल के चिकनाई वाले बर्तन साफ किये जाये तो वह जल्दी साफ भी हो जाते है ।और उनमे चमक भी आजाती है,घी और तेल की स्मेल भी खत्म हो जाती है ।

ये सब करने के बाद भी जो चायपत्ती बच जाती हैं।वह खाद के काम आती है गमले में पौधों को समय-समय पर खाद की जरूरत होती है। ऐसे में आप बची हुई चायपत्ती को साफ कर लें और गमले में डाल दें। इससे पौधे स्वस्थ रहेंगे।

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