जान पर खेलकर इस ट्रक ड्राइवर ने बचाई थी लड़की की इज्जत, आज 4 साल बाद लड़की ने ऐसे चुकाया अहसान

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आज का जमाना सोशल मीडिया का है यही कारण है की आए दिन कई सारी खबरे सामने आ जाती हे चाहे ये खबरें छोटी हो या फिर बड़ी हो हर तरह की खबरें पल भर में आपके सामने होती है। वहीं आपको ये भी बता दें की इनमें से कुछ खबरें ऐसी भी होती हैं जिस पर विश्वास पर कोई यकीन नहीं कर सकता है। आज भी एक ऐसी खबर सामने आई है जिसे सुनकर हर कोई हैरान हो जाएगा जी हां इस कहानी को सुनने के बाद आपको ये विश्वास हो जाएगा की वाक़ई में आज भी भगवान इस धरती पर हैं।

जी हां दरअसल आपको बता दें की ये मामला पीलीभीत और पुर के बीचो बीच स्थित हरदयालपुर ग्राम का है जहां बेहद ही ज्यादा घाना जंगल पाया जाता है और वहीं पास में सावित्री देवी एक छोटा सा घर बनाकर रहती हैं और बता दें की उनके साथ उनकी 17 वर्ष की बेटी भी रहती है जो की जवान और खूबसूरत भी हे इसके अलावा ये भी बता दे की उनके पति 3 साल पहले ही इस दुनिया से चले गए और कुछ समय पूर्व कुछ गुंडों ने सावित्री देवी के मकान पर हमला कर दिया और उनकी बेटी को उठा ले गए। उस दौरान उसकी बेटी किरण ने काफी चिल्लाया लेकिन कोई सुन नहीं सका।

जिसके बाद वो लोग उसे जंगल में ले गए और उसके साथ गलत करने का प्रयास करने लगें तभी अचानक एक ट्रक ड्राइवर (असलम) उधर से गुज़र रहा था और और उसी समय उसे बचाओ बचाओ की आवाज़ सुनाई दी तो वो तुरंत वहां पहुंच गया और उसने देखा की दो लोग उस लड़की के कपडे फाड़ने में लगे थे। जिसके बाद असलम और उसके साथी ने इंसानियत को दिखाते हुए उस लड़की की इज़्ज़त बचाने में लग गया और सरेआम उन गुंडों से भीड़ गया उसे भगाने में भी सफल हो गया। इतना ही नहीं इस दौरान उस बच्ची को बचाने में असलम और उसके दोस्त काफी घायल हो गए और फिर उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा।

ये तो असलम की इंसानियत की बात हो गई लेकिन आज फिर से चार साल बाद असलम उसी रास्ते से जा रहा था तभी उसकी गाडी में अचानक आग लग गयी और ट्रक बेकाबू होकर खाई में गिरने वाला था तभी अचानक असलम ने ट्रक से छलांग लगा दी और ट्रक खाई में जा गिरा। इस दौरान भी असलम बुरी तरह घायल हो गया था और रास्ते पर ही तड़प रहा था जिसके बाद उसकी मदद के लिए वही किरण आई जिसे उसने करीब 4 साल पहले बचाया था और इस बार उस बच्ची ने आनन फानन में उसे अस्पताल में भर्ती कर उसकी जान बचा ली।

ये कहानी यही प्रदर्शित करती है की आज भी भगवान इस दुनिया में हैं और आज भी मानवता जैसी चीजें हमारे समाज में मौजूद है। आज जिसने भी ये कहानी सुनी हर कोई असलम को सलाम कर रहा है क्योंकि उसने उस बच्ची की मदद बिना किसी स्वार्थ में की थी लेकिन भगवान ने उसकी मानवता को देख उसकी जान बचाई। अब ये भगवान का खेल नहीं तो क्या है।

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