IAS चंद्रकला और भाजपा का रहा है 36 का आंकड़ा…ऊपर तक की गई थी चंद्रकला की शिकायत, जिसके बाद..

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उत्तर प्रदेश की चर्चित आईएएस अफसर बी चंद्रकला के लखनऊ स्थित आवास पर सीबीआई ने छापा मारा है। ये छापा यूपी के हमीरपुर में हुए अवैध खनन के मामले से जुड़े हैं। सोशल मीडिया पर सक्रिय और काफी सुर्खियों में रहने वाली बी चंद्रकला यूपी कैडर की 2008 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। वह मूलतः तेलंगाना की रहने वाली हैं।

जब बीजेपी ने चंद्रकला के खिलाफ खोला मोर्चा : चंद्रकला के खिलाफ जनवरी 2017 में भारतीय जनता पार्टी ने मोर्चा खोल दिया था। जिसमें बीजेपी की मांग थी इनका फौरन ट्रांसफर किया जाए। उनपर भाजपा के कार्यक्रमों को प्रभावित करने और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता के रूप में काम करने का आरोप था। भाजपा का कहना था कि निर्वाचन अधिकारी बी.चन्द्रकला आत्ममुग्धता से ग्रसित हैं। बीजेपी का आरोप था कि सोशल मीडिया और मीडिया से सुर्खियां बटोरने की आदी हो चुकीं डीएम सपा कार्यकर्ता के रूप में काम कर रही हैं, और भाजपा के कार्यकर्ताओं और कार्यक्रमों को प्रभावित कर रही हैं। निर्वाचन अधिकारी को भेजे शिकायती पत्र में लिखा था कि चंद्रकला मेरठ चुनाव आचार संहिता का गलत हवाला देकर भाजपा के कार्यक्रमों को अनुमति नहीं दे रही हैं और सपा को सारी सहूलियतें दे रही हैं।

24 IAS अधिकारियों के तबादले में चंद्रकला भी थीं शामिल : मार्च 2018 में उत्तर प्रदेश के मुख्मयंत्री योगी आदित्यनाथ ने 24 IAS अधिकारियों के किए तबादले किए उसमें चंद्रकला भी शामिल थीं। चंद्रकला को विशेष सचिव माध्यमिक शिक्षा के काम की जिम्मेदारी दी गई थी। जैश-ए- मोहम्मद से मिला था चंद्रकला को पत्र : 2017 में मार्च में भी वे सुर्खियों रहीं। इस दौरान बी।चन्द्रकला को जैश-ए- मोहम्मद का पत्र मिलने से हड़कंप मचा गया था। पत्र मिलने के बाद खुफिया एजेंसियों को मामले की जांच सौंपी गई थी। पत्र में लिखा था, “आपकी पुलिस की वजह से हम लोगों को झुग्गी झोपड़ी में रहना पड़ा है। हमने मेरठ मण्डल कमिश्नरी और डीएम के आवास की वीडियो बनाकर आतंकी हाफिज सईद को ईमेल कर दिया है। सेना क्षेत्र की वीडियो बनानी अभी बाकि है अबकी बार सैन्य इलाको की वीडियोग्राफी करा ली जाएगी। लिखा था, हमें दोनों आवास हाथ गोलों से उड़ाने हैं, कुछ सिविल पुलिस के लोग उनके आवास पर कुर्सी डाले मोबाइल पर बात करते मिले। चंद्रकला अब तेरा मेरठ अंगारो पर होगा। ये हमारा चैलेंज है।”

चंद्रकला को अपने संघर्ष में परिवार से पूरा सहयोग मिला। उन्होंने सिविल सर्विस एग्जाम में 409वीं रैंक हासिल की थी। चंद्रकला की एक बेटी भी है। उनके पति रामौलू डिप्टी एग्जिक्यूटिव इंजीनियर हैं। वह Lower Manair Dam (LMD) पर श्रीरामसागर (SRSP) प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। ग्रेजुएशन के दूसरे ही साल में हो गई थी शादी : चंद्रकला ने हैदराबाद के कोटी वुमन कॉलेज में ग्रेजुएशन में दाखिला लिया था। BA के दूसरे साल में ही उनकी शादी हो गई लेकिन उन्होंने पढ़ाई जारी रखी। डिस्टेंस मोड पर इकोनॉमिक्स से एम।ए। किया। इसी के साथ उन्होंने आईएएस के लिए तैयारी की। इस दौरान उनके पति बच्ची की देखभाल करते थे। चंद्रकला की पोस्टिंग इलाहबाद (अब प्रयागराज) में बतौर CDO (चीफ डेवलपमेंट ऑफिसर) हुई थी। जिसके बाद उनका तबादला हमीरपुर में बतौर डी.एम हुआ। इसके बाद वह मथुरा की डीएम बनीं। वह मथुरा की डीएम बनने वाली वह दूसरी महिला बनीं। 129 दिनों के भीतर ही उनका बुलंदशहर ट्रांसफर कर दिया गया।

बतौर डीएम चंद्रकला की पोस्टिंग हमीरपुर जिले में अखिलेश यादव की सरकार के दौरान हुई। उनपर आरोप है कि उन्होंने जुलाई 2012 के बाद हमीरपुर जिले में 50 मौरंग के खनन के पट्टे किए। ई-टेंडर के जरिए इन मौरंग के पट्टों पर स्वीकृति देने का प्रावधान था लेकिन चन्द्रकला ने सारे प्रावधानों की अनदेखी की।

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