मुबंई से प्रतापगढ़ तक 72 घंटे के जलालत भरा सफर, गांव उतरते ही मौत

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हाड़तोड़ मेहनत से जिंदगी चल रही थी। पाई-पई गिनकर ही सही, लग रहा था कि बच्चों का भविष्य बन जा जाएगा। अचानक महामारी कोरोना का शोर और उसके बाद लॉकडाउन ने रोजी-रोटी छीन ली। कुछ दिन बाद किराए का कमरा भी खाली करना पड़ा। इसका बाद इनका हर लम्हा आंसुओं में डूबने लगा। जिसके लिए तन-मन से मेहनत की उसने भी मदद से इंकार कर दिया।

ऐसे में जीवन बचाने गांव का रूख करना पड़ा। भूख और आर्थिक तंगी के बीच हजारों मील रास्ता तय तो किया लेकिन गांव की देहरी भी नसीब न हो सकी। जलालत ऐसी की ससुराल ने भी घर का दरवाजा बंद कर लिया।
मुंबई में फंसे कामगारों की घर पहुंचने की बेताबी उनकी जान पर भारी पड़ने लगी है। घर पहुंचने की जल्दबाजी में जलालत भरे सफर ने सोमवार को पट्टी इलाके के एक युवक की जान ले ली। घर आने के लिए वह परिवार के साथ चालीस लोगों से भरे ट्रक में भूसे की तरह लद गया।

पीलिया से पीड़ित युवक 72 घंटे के सफर की दुश्वारियों को बर्दाश्त नहीं कर सका। रास्तेभर तड़पने के बाद जब प्रयागराज के करनाईपुर में ट्रक चालक ने उतारा तो उसके प्राण-पखेरू निकल गए। प्रयागराज में रहने वाला भाई पत्नी और बच्चों के साथ उसे लेकर किसी उसकी ससुराल पहुंचा।

पट्टी इलाके के डड़वा महोखरी गांव निवासी मिठाईलाल बिंद का बेटा सूरज बिंद (38) मुंबई के अंबरनाथ में पेंटिंग का काम करता था। पत्नी उर्मिला, बेटे चंदन (15) व अभय (9) भी उसके साथ रहते थे। कोरोना महामारी के चलते हुए लॉकडाउन में फंसने के कारण उसके सामने रहने और खाने की समस्या खड़ी हो गई। इस बीच सूरज को पीलिया हो गया।

शुक्रवार को मुंबई से एक ट्रक के प्रयागराज जाने की जानकारी मिलने पर उसने पत्नी और बच्चों के साथ घर आने की ठान ली। ट्रक में पहले से चालीस लोग सवार थे। सभी रानीगंज इलाके के रहने वाले थे। सूरज भी परिवार के साथ शुक्रवार भोर में ट्रक में सवार हो गया। करीब 72 घंटे के सफर के बाद सोमवार सुबह ट्रक प्रयागराज के करनाईपुर पहुंचा।

यहां चालक ने सभी को उतार दिया। ट्रक से उतरने के बाद सूरज बेसुध हो गया था। उसकी हालत देखकर पत्नी और बच्चे बिलखने लगे। पास के एक डाक्टर को दिखाया तो उसने जवाब दे दिया।

प्रयागराज में रहने वाला भाई विजय मैजिक डाला से किसी तरह सभी को लेकर सूरज की ससुराल रानीगंज इलाके के फतनपुर थाना क्षेत्र के स्वरूपपुर गांव पहुंचा। तब तक सूरज की मौत हो गई थी। इसकी जानकारी जब उसके घर डंड़वा पहुंची तो परिजनों में कोहराम मच गया।

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