कश्मीर मामले पर पाकिस्तान ने खेला बड़ा दांव, कर दिया ये बड़ा ऐलान,

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कश्मीर भारतीय उपमहाद्वीप का सबसे उत्तरी भौगोलिक क्षेत्र है। कश्मीर एक मुस्लिमबहुल प्रदेश है। 1846 में, पहले एंग्लो-सिख युद्ध में सिख की हार के बाद, और अमृतसर की संधि के तहत ब्रिटिश से क्षेत्र की खरीद पर, जम्मू के राजा, गुलाब सिंह, कश्मीर के नए शासक बने। उनके वंशजों का शासन, ब्रिटिश क्राउन की सर्वोपरि (या टूटेल) के तहत, 1947 में भारत के विभाजन तक चला, जब ब्रिटिश भारतीय साम्राज्य की पूर्व रियासत एक विवादित क्षेत्र बन गई, जिसे अब तीन देशों ने मिलकर बनाया: भारत, पाकिस्तान और चीन।

जब से जम्मू कश्मीर से पीएम नरेंद्र मोदी सरकार ने अनुच्छेद 370 और 35A खत्म किया है, पाकिस्तान में तभी से हड़कंप मच गया है। इस फैसले का विरोध करते हुए पाकिस्तान ने समझौता एक्सप्रेस, भारतीय फिल्मों और राजनयिक एवं व्यापार संबंधों पर रोक लगाने के बाद अब एक और बड़ा दांव खेल दिया है। आपको बता दें कि भारत में भारतीय जनता पार्टी के इस फैसले का विरोध उमर अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती, फारूक अब्दुल्ला जैसे कई दिग्गज नेताओं ने किया। लेकिन इसके बावजूद मोदी सरकार अपने उद्देश्य में सफल रही।

संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका ने ठुकराया पाकिस्तान के अनुरोध

आपको बता दें कि पाकिस्तान ने अनुच्छेद 370 खत्म करने को लेकर संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका से मदद मांगी। साथ ही पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र से इस मामले में दखल देने की बात भी कही। लेकिन संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान के इस अनुरोध को स्वीकार नहीं किया और पाकिस्तान को शिमला समझौता की याद दिला दी।

अब पाकिस्तान ने किया एक और बड़ा ऐलान

कश्मीरियों का दिल जीतने के लिए पाकिस्तान ने एक और बड़ा दांव खेल दिया है। दरअसल पाकिस्तान ने बड़ा ऐलान करते हुए इस बार ईद के दिन पाकिस्तानी चैनलों पर प्रसारित होने वाले विशेष कार्यक्रमों पर रोक लगा दी है। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि इससे ना केवल पाकिस्तान बल्कि कश्मीरी लोगों की भावनाएं भी आहत न हो। ऐसा करके पाकिस्तान कश्मीरियों से उनकी सहानुभूति हासिल करना चाहता है।

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