बेरोजगारी दर पर 45 साल में सबसे ज्यादा आंकड़े इस साल जारी

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3 साल के जारी आंकड़ों के अनुसार के देश में बेरोजगारी की दर 6.1 फीसदी रही। हालांकि  मुख्य सांख्यिकीविद प्रवीण श्रीवास्तव ने रोजगार के मुद्दे पर घिरी सरकार का बचाव भी किया । उन्होंने जोर देकर कहा कि रोजगार के इस नये सर्वेक्षण की पिछले आंकड़े से तुलना नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि इस सर्वेक्षण में मापने के तौर-तरीके पुराने सर्वेक्षण से अलग हैं। इसकी पिछले आंकड़ों से तुलना ठीक नहीं ।

प्रधानमंत्री मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस समस्या के समाधान को कारगर कदम उठाएंगे , मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि आर्थिक विकास में गिरावट आई है और बड़े पैमाने पर बेरोजगारी की बड़ी चुनौतियां हैं। हम आशा करते हैं कि प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री, रोजगार के अवसर उत्पन्न करने के लिए लघु और दीर्घकालीन रूपरेखा तैयार करेंगे।

आंकड़ों के अनुसार महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों में बेरोजगारी की दर अधिक है। अलग-अलग दोनों की बेरोजगारी दर की बात करें तो देश स्तर पर पुरुषों की बेरोजगारी दर 6.2, जबकि महिलाओं की बेरोजगारी दर 5.7 फीसदी है।लोग रोजगार की तलाश में गांवों से शहरों की ओर पलायन करते हैं, लेकिन ताजा आंकड़े देखें तो शहरों की हालत गांवों से भी खराब है। शहरों में बेरोजगारी की दर गांवों की तुलना में 2.5 फीसदी अधिक है। 7.8 फीसदी शहरी युवा बेरोजगार हैं, तो वहीं गांवों में यह आंकड़ा 5.3 फीसदी है।

 

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