इमरान खान ने कश्मीर के इन नेताओ को बुलाया पाकिस्तान, कहा मोदी से

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जम्मू और कश्मीर के लिए सोमवार एक ऐतिहासिक दिन साबित हुआ, जब नरेन्द्र मोदी सरकार ने प्रदेश को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटा दिया.

इसके साथ ही सरकार ने राज्यसभा में इस प्रदेश के पुनर्गठन का संकल्प भी पेश किया.अब जम्मू और कश्मीर एक केन्द्र शासित प्रदेश बन गया.इसके साथ ही लद्दाख को भी अलग कर एक अन्य केन्द्र शासित प्रदेश बनाने की बात कही जा रही है.इस सारे घटनाक्रम से पहले पाक के मंत्री ने हिंदुस्तान को लेकर विवादित टिप्पणी की है.

इसको लेकर पिछले बहुत ज्यादा दिनों से घाटी के माहौल में तेजी से बदलाव देखा जा रहा था.हालांकि, रविवार को जब कश्मीर के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों को नजरबंद किया गया, तो घाटी में कुछ बड़े होने का अंदाजा हर किसी को लग गया.हिंदुस्तान के इस कदम को लेकर पाक में भी हड़कंप मचा हुआ है.तभी तो पाकिस्तानी मंत्री ने इस पर रिएक्शन दी. इमरान सरकार में मंत्री फवाद चौधरी ने इसको लेकर सोमवार प्रातः काल ट्वीट किया.
फवाद ने बोला कि कश्मीर में नेताओं को नज़रबंद किया जा रहा है.ट्वीट में फवाद ने लिखा, ‘भारत अधिकृत कश्मीर में नेताओं को कैद किया गया है.हुर्रियत नेताओं केअतिरिक्त उमर अब्दुल्लाव महबूबा मुफ्ती जैसे लोग, जो पारंपरिक रूप से भारतीय मंत्र के पक्षधर थे, उन्हें भी हिरासत में लिया गया है.’ फवाद यहीं नहीं रूके उन्होंने आगे लिखा कि ऐसा लग रहा है कि ‘भारत का यह पागलपन’ ही कश्मीर के लिए नया निवारणहै.

गौरतलब है कि कश्मीर घाटी में कड़े प्रतिबंध लगाने के बाद जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्रियों- उमर अब्दुल्लाव महबूबा मुफ्ती को सोमवार तड़के से घर से बाहर निकलने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.

नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) नेता उमर अब्दुल्ला ने इससे पहले रविवार रात में भय जाहिर किया था कि उन्हें मुख्यधारा के अन्य नेताओं के साथ नजरबंद किया जाने वाला है, वहीं पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने इस कदम को अजीब बताया है.

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